Friday, October 26, 2007

कर ज़िंदगी मे ऐसे कुछ तू, के रह जाए दंग हर कोई |

कर ज़िंदगी मे एस कुछ तू
के रह जाए दंग हर कोई

अब हटा वह हर कोई
जो सामने तेरे आए या टोक

रुकते है बस वह जो है
ज़िंदगी से थके हरे हुए

इस ज़माने कि तोह अब
आंखें भी तू, जुर्रत भी तू

अब कर ज़िंदगी मे ऐसे कुछ तू
के रह जाए दंग हर कोई

By Arun Raj
26/10/07